अकबर और बीरबल की कहानी – जो होता है, अच्छे के लिए होता है।

अकबर और बीरबल की कहानी जो होता है, अच्छे के लिए होता है। इस वाक्य को आज हम एक कहानी के माध्यम से समझते है।

जैसा कि आपने सुना होगा कि जो होता है, अच्छे के लिए होता है। हमने यह बात ना जाने कितनी बार सुनी है, पर हम लोग बस बात को सुनते हैं ना कि समझते हैं। क्योंकि यह सुनने में ज्यादा अच्छी लगती है और फिर हम आगे बढ़ जाते हैं। कभी हमने इस बात को अपने मन से नहीं बोला।

अगर हम आपको बोले कि इस बात को seriously लेकर देखो, तो आप में से कुछ लोग इसको मजाक में ही लोगे क्योंकि हम कभी इस लाइन की depth में नहीं गए वरना हमारी आधी से ज्यादा परेशानियों का हल तो इसी एक लाइन से निकल जाता है।

पर कहते हैं ना – जो जैसा दिखता है वैसा होता नहीं, और जो जैसा होता है वैसा दिखता नहीं।

हर इंसान किसी ना किसी परेशानी से जरूर जूझ रहा होता है या उसका सामना कर रहा होता है। कोई इसलिए परेशान है कि उसकी जॉब नहीं लग रही, तो कोई इसलिए परेशान है कि उसका Breakup हो गया है। कोई इसलिए परेशान है कि उसके पास घर चलाने के पैसे नहीं है, तो कोई इसलिए परेशान है कि उसका बुरा वक्त चल रहा है।

यह बात जरूर याद रखना, चाहे आपका अच्छा समय हो या बुरा समय हो। एक लाइन आपको हमेशा motivate करेगी। कुछ भी आगे करने के लिए जिससे कि आप शांति से नहीं बैठ पाओगे, आपके अंतर्मन से आवाज आएगी कि क्या करू ? ऐसा क्या करू ? और इस लाइन को पढ़ कर कही न कही आपके मन में तसल्ली होगी और वह एक लाइन है यह वक्त भी गुजर जाएगा। इस लाइन को आप अपने अच्छे या बुरे समय को इस एक लाइन में रख कर देख सकते है और अपने आप को आगे कुछ बनने के लिए motivate कर सकते हो और नई ऊंचाइयों को छू सकते है।

इस एक लाइन को एक कहानी के माध्यम से समझते है जो हम अभी आपको थोड़ी देर में बताने वाले हैं। जिससे कि आपकी जिंदगी में कुछ भी हो जाए, आप उस situation से कुछ ही समय में बाहर आ जाओगे। पर इसके लिए आपको कहानी को ध्यान से पढ़ना होगा, अपने जीवन में उतारना होगा और इस कहानी के message को समझना होगा तो दोस्तों यह कहानी है अकबर और बीरबल की।

अकबर और बीरबल

इन दोनों नामों से आप बहुत अच्छे से परिचित होंगे। तो हम आपको कहानी बताते हैं-

अकबर अपने समय के एक महान राजा थे। वे युद्ध कला में बहुत ही निपुण थे। एक दिन की बात है, महाराज अबकर का दरबार लगा हुआ था, तभी सभा में कुछ लोग आए और उन्होंने कहा कि जंगल में जंगली सूअर और शेरों की संख्या में वृद्धि हो गई है और वे हमारे गांव में कभी भी हमला कर देते है और हमें हानि पहुंचाते हैं। महाराज अकबर कहते है कि वह कल शिकार के लिए जायेंगे और सभा को वही समाप्त कर दिया जाता है।

इसके बाद अकबर अपने प्रिय तलवार के साथ अभ्यास करने चले जाते है और अभ्यास करते वक्त उनकी उंगली में तलवार लगने की वजह से चोट लग जाती है और उनकी उंगली से खून आने लगता है। इस पर अकबर चिल्लाते हुए बोलते है कि “जाओ जल्दी सैनिकों, जाओ जल्दी और राजवैद्य को बुला कर लाओ” और सैनिक जा रहे होते हैं तभी सामने से बीरबल आ जाते है।

कहते है कि –“महाराज, जो होता है अच्छे के लिए होता है

अकबर को इस बात पर क्रोध आ जाता है। महाराज अकबर बोलते है कि – “यहां मेरे चोट लग गई है और बीरबल तुम कह रहे हो कि जो होता है अच्छे के लिए होता है, इसमें क्या अच्छा है। ” और क्रोध में अकबर अपने सैनिको को आदेश दे देते है कि बीरबल को बंदी बना लिया जाए और कल शाम ढलने से पहले फांसी दे दी जाए।

सैनिक बीरबल को बंदी बनाकर बंदी गृह में डाल देते हैं और राजवैद्य आकर अकबर का उपचार करते हैं। राजवैद्य अकबर को विश्राम करने के लिए कहते है, परंतु अकबर बताते है कि -” मुझे कल शिकार पर जाना है और मैं अधिक विश्राम नहीं कर सकता हूँ। तो राजवैद्य उन्हें औषधि दे देते हैं और कहते हैं कि महाराज अकबर आपको सुबह तक इस पीड़ा से आराम मिल जाएगा और राजवैद्य चले जाते हैं।

अगली सुबह की पहली किरण निकलते ही अकबर अपनी सेना की छोटी सी टुकड़ी के साथ शिकार के लिए निकल जाते है। वह जंगल की तरफ चल पड़ते है। जंगल में कुछ समय चलने के बाद महाराज अकबर को जंगली सूअर दिखता है। सूअर को देखकर अकबर अपने घोड़े की रफ्तार थोड़ी बढ़ा लेते हैं और सूअर का पीछा करने लगते है। और सूअर के शिकार के चक्कर में वे अपनी सेना से बहुत आगे निकल जाते है और अचानक ही वह जंगल में एक जाल में फँस जाते हैं जोकि जंगल में रह रहे आदिवासियों ने बिछाया होता है।

वह अकबर को बंदी बना लेते हैं और उनकी बलि चढ़ाने की प्रक्रिया को आरंभ कर देते हैं। तभी अकबर कहते हैं कि वह एक राजा है परंतु आदिवासी उनकी बात को नहीं समझ पाते और उनके चारों ओर नाच गा रहे होते हैं। वह अपने भगवान को उनकी बलि देने वाले होते हैं, तभी अचानक एक आदिवासी की नजर उनकी कटी हुई उंगली पर जाती है और वह कहते है कि हम इनकी बली नहीं दे सकते क्योंकि यह अपंग है और अशुद्ध है।

इस कारण वह अकबर को छोड़ देते है।

अकबर अपने घोड़े पर सवार होकर अपने महल की तरफ रवाना हो जाते है और उन्हें रास्ते में इस बात का बहुत पछतावा हो रहा होता है कि बीरबल को अब तक फांसी लग चुकी होगी। वह घोड़े की गति को तेज कर लेते है और उनका घोड़ा हवा से बातें करते हुए बहुत तेजी से महल की दिशा की ओर बढ़ने लगता है।

जैसे ही वह महल में पहुंचते है वे देखते है कि बीरबल को अभी फांसी नहीं लगी है और फांसी होने ही वाली होती है। तभी वह चिल्लाते है कि रुक जाओ, रुक जाओ और अकबर बीरबल को बचा लेते हैं और कहते है कि “बीरबल मुझे माफ कर दो, तुम ठीक कहते थे कि जो होता है अच्छे के लिए होता है।” देखो आज मैं मेरी कटी हुई उंगली की वजह से जिंदा हूं। मैंने तुम्हे बेवजह दंड दे दिया। मुझे माफ़ कर दो।

लेकिन बीरबल फिर से वही बोलते है कि महाराज अच्छा हुआ जो आपने मुझे बंधी गृह में डलवा दिया। सही में, जो होता है, अच्छे के लिए होता है। अकबर को यह बात इस बार भी समझ नहीं आती। वह कहते है कि बीरबल अब इसमें क्या अच्छा है मेरी वजह से तुम्हारी जान जाने वाली थी। तो बीरबल कहते है कि महाराज अगर आज मैं यहां नहीं होता तो आपके साथ गया होता , और आपके साथ साथ में भी पकड़ा गया होता वह आदिवासी लोग आपको तो छोड़ देते मगर मेरी बली चढ़ा देते। इसलिए जो होता है अच्छे के लिए ही होता है।

अकबर और बीरबल की कहानी से शिक्षा मिलती है – जो होता है अच्छे के लिए होता है।

तो दोस्तों यही थी वह कहानी जिससे आपकी जिंदगी में कोई भी समय हो आप खुद से यह कह सकते हो कि जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है भले ही वह चीज आपको आज समझ नहीं आ रही हो पर एक समय ऐसा आएगा, जब वह आपको समझ में आएगी। तब आप यही कहोगे कि अच्छा वो इसलिए हुआ था।

कोविड-19 पूरी दुनिया में आतंक मचा रहा है और भारत में भी इसका रूप भयानक होता जा रहा है, पर दोस्तों यहां के लोग बाकी देशों के मुकाबले जल्दी ठीक हुए हैं और इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बाद भी यह कुछ हद तक काबू में है।

पर बहुत से अमीर देशों में यह बहुत तेजी से फैला और बहुत ज्यादा संख्या में लोगों को Infect कर दिया जिससे कि मृत्यु दर में तेजी आई परंतु भले ही भारत में गरीबी रेखा वाले लोग ज्यादा है, परंतु आज उसी गरीबी का फायदा हमें मिल रहा है क्योंकि कम रुपए होने के कारण हम महंगे- महंगे Restaurant में fast food नहीं खा पाए और घर का बना साधारण भोजन खाया।

जिस वजह से हमारा Immune system मजबूत और अच्छा रहा और जिससे कोरोनावायरस से खुद को लड़ने में मदद मिली। भले ही वह गरीबी बाकी चीजों में नुकसान दे रही हो परंतु घर का खाना खाने की वजह से immunity strong हुई है।

यहां पर भी अगर हम इस कहानी के माध्यम से एक positive aspect देखें तो हम कह सकते है जो होता है, अच्छे के लिए होता है। अगर आज हमारे पास अधिक पैसे होते तो हम भी उस तरीके की लाइफ स्टाइल जी रहे होते और जिस वजह से काफी सारी Fast food हमारी Diet में आ जाती और शायद हम अपना immune system कमजोर कर लेते और अब हमारे देश में medical facility भी काफी हद तक ठीक हुई है।

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