Moral Story In Hindi – मीनू की सूझबूझ

नमस्कार दोस्तों!
आज हम आपके लिए एक ऐसी कहानी लेकर आए है जिसमें आपको यह सीखने को मिलेगा कि हमें कठिन परिस्थियों में कैसे मुश्किलों से डट कर सामना करना चाहिए और घबराना नहीं चाहिए। तो अब कहानी की शुरुआत करते है आशा है आप सबको पसंद आएगी।

कहानी – मीनू की सूझबूझ

एक समय की बात है, एक जंगल में नदी के किनारे एक बकरी रहती थी जिसका नाम था – मीनू। उसके 3 बच्चे थे। वह अपने बच्चों से बहुत प्यार करती थी लेकिन उसे सिर्फ़ एक बात का डर लगा रहता था कि कही उसके बच्चे जंगल की तरफ ना चले जाए क्योंकि जंगल में बहुत सारे जंगली जानवर रहते थे जो उसे और उसके बच्चों के शिकार करने की ताक में लगे रहते थे। इसलिए मीनू (बकरी) बहुत परेशान रहती थी।

एक दिन की बात है मीनू का एक बच्चा नदी के किनारे से थोड़ा सा आगे चला जाता है। वहां पर दो किसान खड़े होते हैं जो आपस में बात कर रहे होते हैं कि जंगल में हरी हरी घास है। यह बात मीनू (बकरी) का बच्चा सुन लेता है और मन में सोच कर खुश होने लगता है और जंगल की ओर निकल जाता है। जंगल में थोड़ी दूर जाकर वह रुक जाता है और सोचने लगता है कि आज उसे हरी-हरी घास खाने को मिलेगी।

वह सोचते-सोचते आगे बढ़ने लगता है। जैसे ही वह थोड़ा-सा ओर आगे बढ़ता है, उसे हिरण मिलते हैं हिरण उसे चारों तरफ से घेर लेते हैं और बोलते हैं कि आज सुबह-सुबह हमें ताजा शिकार मिला है और यह बोलकर सारे हिरण हंसने लगते हैं। वहीं खड़ा मीनू (बकरी) का बच्चा हिरण को देखकर घबरा जाता है और सोचने लगता है कि- “अब मैं कैसे अपने घर जाऊं?” तभी एक हिरण कहता है कि- “काश! मुझे यह शिकार परसों मिला होता!” क्योंकि परसों मेरा जन्मदिन था और मैं अपने जन्मदिन पर इसे अच्छे से खाता।”

तभी वहां मीनू ( बकरी ) अपने बच्चे को ढूंढती हुई जंगल में अपने बच्चे के पास आ जाती है।

मीनू को देखकर हिरण खुश हो जाते हैं और कहते हैं- “आज तो सोने पर सुहागा है, एक शिकार के साथ एक फ्री। वह कहते हैं ना कि ढाई सौ ग्राम के साथ 100 ग्राम फ्री!” यह बोलकर हिरण बहुत खुश होते हैं। मीनू बोलती है कि “अगर तुम सब ने हमें खाया तो शेर राजा तुम सबको खा जाएंगे, क्योंकि हम शेर राजा का शिकार है।”

तभी एक हिरण बोलता है कि हम कैसे मान लें कि तुम राजा का शिकार हो? तो मीनू बोलती है- ठीक है मत मानो, तुम हमें खाओगे तो शेर राजा तुम सब को खा जाएगे। अगर तुम्हें यकीन नहीं हो रहा है तो वहां देखो हाथी खड़े हैं, हमारी निगरानी के लिए। यह सुनकर सारे हिरण यकीन करने लग जाते हैं और आपस में बोलते हैं कि अगर हम सब ने इन दोनों को खाया तो राजा हम सब को खा जाएगा। इसलिए सारे हिरण वहां से उन दोनों को छोड़ कर चले जाते हैं।

तभी बकरी अपने बच्चे को लेकर जल्दी-जल्दी चलने लगती है। वह कुछ दूर पहुंचते है, तभी वहां पर शेर राजा मिलते है और छलांग मारकर उनके पास आ जाते है और कहते है- “क्या बात है, आज तो ताजा ताजा शिकार मिला है। पहले तुम दोनों में से किसे खाऊं? यह सुनकर मीनू का बच्चा डर जाता है और अपनी मां के पीछे छुप जाता है। तो मीनू (बकरी) बोलती हैं – “शेर राजा अगर आप हमें खाएंगे तो शेरनी गुस्सा हो जाएगी।”

यह सुनकर राजा पूछता है कि – “ऐसा क्यों बोल रही हो”

तो बकरी कहती है ” हम तो शेरनी का शिकार है, वो हमारा शिकार करके आपको ही देंगी। अगर आपने हमारा शिकार किया तो शेरनी नाराज़ हो जाएगी और उन्होंने ही हमारी निगरानी के लिए कौआ को बिठा रखा है ताकि हमें कोई और ना खाएं।”

यह बात सुनकर शेर राजा यकीन कर लेते है और बोलते है- “ठीक है मैं तुम्हें छोड़ देता हूं। क्योंकि यह शिकार मेरे लिए ही तो है। जो शेरनी लेकर आएगी मेरे लिए, बाद में तो मुझे ही मिलना है।” और खुश होकर निकल जाता है। यह मौका पाकर वह अपने बच्चे को लेकर वहां से जल्दी चलने लगती है।

मीनू(बकरी) कुछ दूर ही चलती है कि वहीं पर उसे शेरनी मिलती है और मीनू ( बकरी) को देख कर खुश होने लगती है और कहती है कि “कहां चल दी तुम बोलो , तुम्हें तो अब कहीं जाना ही नहीं है क्योंकि तुम्हें मैं अपने शेर राजा के लिए शिकार के तौर पर लेकर जाऊंगी।” तभी मीनू बोलती है- “आप कितनी भोली हो ना, पता नहीं है आपको हम तो आप ही का शिकार हैं क्योंकि शेर राजा ने हमें आपके लिए ही तो पकड़ रखा है।

वह आपको हमें ताजा ताजा शिकार बनाकर देना चाहते हैं, इसलिए हमें यहीं रख रखा है।” शेरनी बोलती है कि- ‘मैं कैसे मान लूं अगर तुम भाग गई तो?” तभी मीनू बोलती है – “अगर हमें भागना होता तो हम कब का चले गए होते, पर हमारी निगरानी के लिए खरगोश को रखा गया है। क्यों खरगोश आपको ही रखा गया है ना?” तभी खरगोश अपने कानों को खड़ा कर देता है और मीनू बोलती है- “देखो शेरनी जी खरगोश ने अपने कान खड़े कर दिए हैं। ”

यह सुनकर शेरनी खुश हो जाती है और बोलती है – “क्या सच में शेर राजा ने मेरे लिए ये सब किया है?

हां, यह सच है शेर राजा ने आपके लिए सब किया है। यह बोलकर शेरनी चली जाती है और बोलती है कि- “मैं अभी राजा को भेजती हूं कि वह तुम दोनों को गुफा में लेकर आए और हम अपने शिकार को ताजा-ताजा खाए!

यह मौका पाकर मीनू अपने चारों तरफ देखती है और वहां से अपने बच्चे को लेकर निकल जाती है। वह कुछ देर में किसान के घर के पास पहुंच जाती है और फिर थोड़ी देर में अपने घर पहुंच जाती है। नदी के किनारे, मीनू के बच्चे अपनी मां को देखकर खुश हो जाते हैं और कहते हैं कि “मां आप आ गई, हम तो डर गए थे कि आप जंगल में गई हैं, कहीं आपको वहां के जंगली जानवर खा ना ले।”

तभी मीनू का बच्चा जिसे मीनू लेने गई थी, वह बोलता है कि मां ने तो शेर राजा ,शेरनी ,हिरण ,खरगोश, हाथी सबका सामना किया है और मुझे बचा कर ले आई ।तभी मीनू के अन्य बच्चे पूछते हैं कि “मां आपने यह सब कैसे किया?” तब मीनू बोलती है कि मैं कठिन परिस्थितियों में डरी नहीं और दिमाग से काम लिया जिसके कारण बच्चों आज मैं आपके साथ हूं, सामने हूं”। यह बोलकर वह अपने बच्चों को गले लगा लेती है और सब खुश होते हैं।

कहानी से शिक्षा -motivational quotes
Quotes

कहानी से शिक्षा – हमें कठिन परिस्थितियों तथा मुश्किलों में घबराना नहीं चाहिए बल्कि मुश्किलों का सामना घबराकर नहीं दिमाग से सोच समझकर करना चाहिए, तभी हम अपने जीवन में खुश रह सकते हैं।

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