story – पंचतंत्र की कहानी। सच्ची दोस्ती। चूहे और हाथी की कहानी।

आज हम आपको चूहे और हाथी की story बताते है। यह कहानी पंचतंत्र की कहानियो में से एक है। इस छोटी सी story से हमें सच्ची दोस्ती को समझने की सीख मिलती है।

यह तो आपने सुना ही होगा कि कर भला तो हो भला बहुत ही प्रसिद्ध और काफी ज्यादा बोली जाने वाली कहावतों में से एक है।आज की हमारी story दोस्ती पर आधारित है। साथ ही इससे हमें क्या शिक्षा मिलती है ,यह भी हमने नीचे बताया है। तो चलिए कहानी शुरू करते है –

बहुत समय पहले की बात है एक राजा ने अपना बहुत बड़ा महल बनवाया लेकिन कुछ समय बाद शत्रुओं से युद्ध में हार गया जिस कारण उसने अपना जीवन भी खो दिया और राज्य भी।अब महल की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा। महल खंडहर बन चुका था और सब जगह जगह से टूटने लगा था।

अब खंडहर हो चुका महल चूहों के रहने का ठिकाना बन चुका था। इतने बड़े महल को पाकर चूहों की खुशी का ठिकाना ना था। उन्हें वहाँ रोकने – टोकने वाला भी कोई नहीं था। वह पूरा दिन सिर्फ खाते-पीते, मस्ती करते, उछल-कूद करते रहते थे। मौसम बदला और गर्मियों के दिन आ गए।

जानवर दूर-दूर से अपनी प्यास बुझाने के लिए पास ही एक नदी पर अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी पीने आते थे। एक दिन अचानक धरती बहुत जोरों से हिलने लगी और यह देखकर चूहे बहुत बेचैन हो गए। उन्हें लगा कि जैसे आज तो उनका मरना तय है। तभी चूहों के नेता अचानक धरती के हिलने का कारण जानने के लिए महल से बाहर निकला।

उन्होंने देखा कि नदी पर हाथियों का एक झुंड पानी पीने के लिए आया हुआ है। अब हर रोज दोपहर में हाथी का झुंड पानी पीने के लिए नदी पर आने लगा इसलिए कई बार हाथियों के पैरों के नीचे दबकर कई चूहे मर जाते थे। यह बात चूहों को बहुत परेशान कर रही थी।

इसलिए उन्होंने इस समस्या से निकलने के लिए सभी चूहों की एक बैठक बुलाई। चूहों के नेता ने तय कि अब समय आ गया है कि हाथियों के राजा से हमें बात करनी ही पड़ेगी चूहों के नेता ने हाथियों के राजा से बोला,” सुनो भाई ! ” हाथी राजा ने इधर-उधर देखा तो उन्हें छोटा सा चूहा दिखा जो कुछ कहने की कोशिश कर रहा था।

हाथी राजा बोले,” क्या बात है बोलो।” तो चूहों के नेता ने बोला कि ” हम लोग बहुत सालों से इस टूटे हुए महल में रह रहे हैं लेकिन आप जब भी इस रास्ते से होकर जाते हैं तो हमारे कई साथी चूहे आपके पैरों के नीचे दब कर मर जाते हैं। कृपया आप अपना रास्ता बदल ले.”

हाथियों के राजा को उनकी बात सही लगी इसलिए वह तुरंत राजी हो गए और उन्होंने अपना रास्ता बदलने का निश्चय किया। कुछ दिनों के बाद जंगल में शिकारियों ने हाथियों के झुंड को पकड़कर रस्सियों से बांध दिया। परंतु एक छोटा हाथी वहां से बच निकला और तुरंत चूहों के पास उन से मदद मांगने के लिए पहुंचा।

जैसे ही छोटे हाथी ने उन्हें अपनी समस्या बताई तो सभी चूहे तुरंत जंगल की तरफ चल दिए और उन्होंने अपने पैने दातों से हाथियों की रस्सियों को कुतर दिया। अब हाथी आजाद हो चुके थे। उन्होंने चूहों को धन्यवाद किया। हाथी और चूहे अब सच्चे मित्र बन चुके थे

चूहे और हाथी की story से हमें यह शिक्षा मिलती है कि ” हमेशा सच्चे मित्र बनाने चाहिए।”

इस से हमें शिक्षा मिलती है कि मित्र यदि सच्चे हो तो वह हर परिस्थिति में आपका साथ देंगे। आप भी अपने मित्रों का साथ दो।

अगर आप एक चीज पर ज्यादा समय तक focus नहीं कर पाते या आप बहुत कुछ करना चाहते है मगर आप मन एक जगह से दूसरी जगह भटकता रहता है तो ये ब्लॉग आपके काम आ सकता है

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